आयुष्मान कार्ड में रातों-रात हुआ बड़ा बदलाव: अब आधार ई-केवाईसी (e-KYC) के बिना नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज, फर्जी कार्डों पर एआई (AI) रखेगा नजर!
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के नियमों में एक बहुत बड़ा और सख्त बदलाव किया है। अब किसी भी नए या पुराने आयुष्मान कार्ड के लिए आधार ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने लाभार्थियों की पहचान को और अधिक सटीक बनाने के लिए ‘बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ (BIS 2.0) लागू किया है। अगर आपने अभी तक अपना आधार ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है, तो आपको मिलने वाला मुफ्त इलाज का लाभ रुक सकता है।
सरकार अब फर्जी और संदिग्ध आयुष्मान कार्डों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एआई तकनीक की मदद से संदिग्ध कार्डों की पहचान अपने आप हो रही है और ऐसे कार्डों पर तुरंत इलाज की सुविधा रोक दी जा रही है। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में ही लगभग 61,000 से अधिक संदिग्ध कार्डों को चिन्हित किया गया है, जिनकी जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन अधिकारियों द्वारा गहन जांच की जा रही है।
नए बदलावों के तहत आयुष्मान कार्ड में नए सदस्यों को जोड़ने का विकल्प भी काफी सीमित कर दिया गया है। अब केवल SECC 2011 के डेटा के तहत बचे हुए परिवारों में ही नए सदस्य जोड़े जा सकते हैं। संदिग्ध पाए जाने वाले कार्डों को जांच के बाद सिस्टम से हमेशा के लिए हटाया जा रहा है। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इन संदिग्ध कार्डों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि योजना का लाभ केवल पात्र और असली जरूरतमंदों को ही मिल सके।
यदि आपने अभी तक अपना आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, तो आप इसे घर बैठे ही मोबाइल ऐप के जरिए बना सकते हैं। इसके लिए आपको ‘आयुष्मान ऐप’ में बेनिफिशरी के तौर पर लॉगिन करना होगा, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद अपनी फैमिली आईडी या आधार नंबर की जानकारी भरकर आप अपनी पात्रता जांच सकते हैं और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपना डिजिटल आयुष्मान कार्ड पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।
सरकार का यह कड़ा कदम योजना में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उठाया गया है। एआई तकनीक के आने से फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों पर नकेल कसी जा रही है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप समय रहते अपना ई-केवाईसी पूरा कर लें और यह सुनिश्चित करें कि आपके कार्ड की जानकारी पूरी तरह सही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में आपको बिना किसी परेशानी के 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती रहे।